Aadars

आद्य शंकराचार्य

महान सनातनधर्म प्रचारक, दार्शनिक एवं धर्मप्रवर्तक, अद्वैत वेदान्त को ठोस आधार प्रदानकर्ता, भगवद्गीता, उपनिषदों और वेदांतसूत्रों पर लिखी हुई इनकी टीकाएँ बहुत प्रसिद्ध हैं। उन्होंने सांख्य दर्शन का प्रधानकारणवाद और मीमांसा दर्शन के ज्ञान-कर्मसमुच्चयवाद का खण्डन किया। इन्होंने भारतवर्ष में चार कोनों में चार मठों की स्थापना की थी जो अभी तक बहुत प्रसिद्ध और पवित्र माने जाते हैं और जिन पर आसीन संन्यासी ‘शंकराचार्य’ कहे जाते है।

स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद-(12 जनवरी 1863 – मृत्यु: 4 जुलाई 1902) वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्वधर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा

माधवराव सदाशिवराव गोळवलकर

माधवराव सदाशिवराव गोळवलकर ; जन्म: १९ फ़रवरी १९०६ – मृत्यु: ५ जून १९७३) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक तथा विचारक थे। इनके अनुयायी इन्हें प्रायः ‘गुरूजी’ के ही नाम से अधिक जानते हैं। हिन्दुत्व की विचारधारा का प्रवर्तन करने वालों मे इनका नाम प्रमुख है।

साध्वी ऋतम्भरा

भारत की परम विदुषी साध्वी जिन्हें वात्सल्य के कारण वात्सल्यमूर्ति तथा दीदी माँ जैसे सम्बोधन है, अपनी करुणा तथा सद्कार्यों के लिए सुविख्यात भारत की सनातन परंपरा की ध्वज्वाहिक़ा।

Scroll to Top